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अपसारी विकास :- इसमें एक जाति के जीवों की समष्टि विभिन्न जीवन विधियों को अपनाने के कारण अथवा प्रसंकरण के कारण अथवा गुणसूत्रों की संख्या मे...
अपसारी तथा अभिसारी विकास अपसारी तथा अभिसारी विकास Reviewed by Suresh Kumar Gautam on January 20, 2018 Rating: 5
कुछ जीव जातियों में दो समूहों के लक्षणों का मिश्रण मिलता है । अत: इन्हें संयोजक कड़ियाँ कहते हैं । संयोजक कड़ियों के महत्व :- जैव विकास...
संयोजक कड़ियाँ संयोजक कड़ियाँ Reviewed by Suresh Kumar Gautam on January 20, 2018 Rating: 5
वे अंग जो एक जैसे कार्य करते हैं , परन्तु उत्पत्ति एंव मूल रचना में भिन्न होते हैं , समवृति अंग कहलाते हैं , इनकी समरूपता को समवृत्तिता कह...
समरूप या समवृति अंग समरूप या समवृति अंग Reviewed by Suresh Kumar Gautam on January 20, 2018 Rating: 5
कुछ संरचनाएँ ऐसी होती हैं जो उत्पत्ति तथा मूल रचना में तो समानता होती हैं , परन्तु कार्य के अनुसार उनकी बाह्य रचना में परिवर्तन हो जाता है ...
समजात अंग समजात अंग Reviewed by Suresh Kumar Gautam on January 20, 2018 Rating: 5
जीवों में पर्यावरण के अनुरूप पायी जाने वाली समानतोएँ जिससे  वे शत्रु से स्वय की रक्षा कर सके , अनुहरण कहलाती है  । इनमें जीव किसी अन्य प्रा...
अनुहरण अनुहरण Reviewed by Suresh Kumar Gautam on January 20, 2018 Rating: 5
इसके अन्तर्गत D.N.A की कृत्रिम संश्लेषण दो पृथक् D.N.A खण्डों को जोड़ना , D.N.A की मरम्मत , D.N.A के कुछ न्यूक्लिओटाइडस को पृथक् करके बदलना...
आनुवंशिक इंजीनियरिंग आनुवंशिक इंजीनियरिंग Reviewed by Suresh Kumar Gautam on January 20, 2018 Rating: 5
सुजननिकी , आनुवंशिकी की वह व्यावाहारिक शाखा है , जो मानव के विभिन्न गुणों , विशेषकों या लक्षणों की आनुवंशिकी का अध्ययन कराती है । सुजननिकी ...
सुजननिकी सुजननिकी Reviewed by Suresh Kumar Gautam on January 19, 2018 Rating: 5
किसी मनुष्य या शिशु की मानशिक आयु को वास्तविक आयु से भाग कर 100 से गुणा करे तो जो यंख्या आती है , उसे बुद्धि भागफल कहते हैं । इसे संक्षेप म...
बुद्धि लब्धि बुद्धि लब्धि Reviewed by Suresh Kumar Gautam on January 18, 2018 Rating: 5
प्रबल तथा अप्रबल जीन में अन्तर प्रबल तथा अप्रबल जीन में अन्तर Reviewed by Suresh Kumar Gautam on January 18, 2018 Rating: 5
आनुवांशिकी जीव विज्ञान की वह शाखा है जिसके अन्तगर्त आनुवांशिक लक्षणों की वंशागति एंव विभिन्नताओं का अध्ययन किया जाता है , आनुवंशिकी कहलाती ह...
आनुवंशिकी आनुवंशिकी Reviewed by Suresh Kumar Gautam on January 18, 2018 Rating: 5
मैरी लायन के अनुसार दैहिक कोशिका में से एक से अधिक जितने भी X - गुणसूत्र होते हैं , वे संघनित रहते हैं । केवल एक X - गुणसूत्र क्रियात्मक र...
लायन संकल्पना लायन संकल्पना Reviewed by Suresh Kumar Gautam on January 18, 2018 Rating: 5
एकलिंगी जीवों में नर तथा मादा जनन अंग अलग - अलग जन्तुओं में होते हैं । नर तथा मादा में लिंग भेद होता है ।  एकलिंगी जीवों के लिंग भेद प्र...
लिंग निर्धारण लिंग निर्धारण Reviewed by Suresh Kumar Gautam on January 18, 2018 Rating: 5
संघ प्लैटीहेल्मिन्थीज के सदस्यों में ज्वाला कोशिकाएँ या आदि वृक्क देह खण्डों में पाये जाते हैं । ज्वाला कोशिका की गुहा में कशाभों का एक गुच...
ज्वाला कोशिकाएँ ज्वाला कोशिकाएँ Reviewed by Suresh Kumar Gautam on January 17, 2018 Rating: 5
Chapter : जैविक अणु 1. जैविक अणु 2. खुला तन्त्र 3. सरल वसाएँ 4. संतृप्त वसा एवं असंतृप्त वसा 5. जीवधारियों या जन्तुओं में जल के महत्व ...
जीव विज्ञान जीव विज्ञान Reviewed by Suresh Kumar Gautam on January 17, 2018 Rating: 5
टीनिया सोलियम फीताकृमि के कारण होने वाला रोग है । इस रोग में भूख मर जाती है , पेट में भारीपन अपच , शरीर के भार में कमी , रक्तक्षीणता तथा दस...
टीनिएसिस टीनिएसिस Reviewed by Suresh Kumar Gautam on January 17, 2018 Rating: 5
जैसे - जैसे किसी द्रव को गर्म किया जाता है उसका ताप बढ़ता जाता है तथा वह वाष्प में बदलना शूरू हो जाता है । ताप में लगातार वृद्धि करने पर एक...
क्वथनांक क्वथनांक Reviewed by Suresh Kumar Gautam on January 13, 2018 Rating: 5
जब किसी द्रव को ठण्डा करते हैं , तो उसका ताप गिरने लगता है तथा वह एक निश्चित ताप पर ठोस में बदलने लगता है । इस स्थिर ताप को उस द्रव का हिमा...
हिमांक हिमांक Reviewed by Suresh Kumar Gautam on January 13, 2018 Rating: 5
" स्थिर ताप पर किसी पदार्थ के एकांक द्रव्यमान के अवस्था परिवर्तन के लिए आवश्यक ऊष्मा की मात्रा को उस पदार्थ की गुप्त ऊष्मा कहते हैं ।...
गुप्त ऊष्मा गुप्त ऊष्मा Reviewed by Suresh Kumar Gautam on January 13, 2018 Rating: 5
किसी पदार्थ की बाष्पन की गुप्त ऊष्मा , ऊष्मा कि वह मात्रा है जो उस पदार्थ के एकांक द्रव्यमान को , बिना ताप बदले , द्रव अवस्था से वाष्प अवस्...
बाष्पन की गुप्त ऊष्मा बाष्पन की गुप्त ऊष्मा Reviewed by Suresh Kumar Gautam on January 13, 2018 Rating: 5
आपेक्षित आद्रता को वायु की आद्रता भी कहते हैं । वायुमण्डल में प्रत्येक स्थान पर तथा हर समय जल-वाश्प रहती है । यह जल-वाष्प पृथ्वा पर स्थित ...
आपेक्षित आद्रता आपेक्षित आद्रता Reviewed by Suresh Kumar Gautam on January 13, 2018 Rating: 5