एस.आई .पद्धति क्या है ?


एस. आई. पद्धति क्या है ।
सन् 1960 में माप तोल के लिए एक सम्मेलन में यह तय किया गया कि सर्वत्र मीटर-किलोग्राम-सेकण्ड़ प्रणाली में मापन किया जाये । इस प्रणाली  को मात्रकों की अन्तराष्ट्रीय प्रणाली कहा गया , जिसको संक्षेप में (S.I. Units) भी कहा जाता है ।

एक हिसाब से देखा जाये तो  अगर प्रत्येक  भौतिक राशियों की माप करने के लिए प्रत्येक मात्रक अलग-अलग लिखा जाये , तब मात्रकों की संख्या इतनी अधिक हो जायेगी कि उन्हें याद करना भी असम्भव सा लगेगा ।

ये तो हम जानते हैं कि कुछ भौतिक राशियाँ परस्पर सम्बन्धित होती हैं जैसे -
चाल का सम्बन्ध दूरी , समय से है ।
क्योंकि

चाल = दूरी / समय

अत: चाल के मात्रक को लम्बााई तथा समय के मात्रक में व्यक्त किया जा सकता हौ । इसी प्रकार संवेग(द्रव्यमान वेग) के मात्रक को द्रव्यमान , दूरी तथा समय के मात्रकों मे व्यक्त किया जा सकता है । वास्तव में प्रयुक्त होने वाली सभी भौतिक राशियों को लम्बाई , द्रव्यमान तथा समय के मात्रकों में व्यक्त किया जाता है । इन तीनों राशियों के मात्रक एक दूसरे से पूर्णतया स्वतन्त्र हैं । इनको एक दूसरे से बदला नहीं जा सकता है ।

एस. आई पद्धति में प्रयुक्त की गयी मूल राशियाँ तथा उनके मूल मात्रक नीचे सारणी में देखें -

मूल राशि मूल मात्रक प्रतीक
लम्बाई मीटर m
द्रव्यमान किलोग्राम kg
समय सेकेण्ड s
ताप केल्विन K
वैद्युत धारा ऐम्पियर A
ज्योति-तीव्रता केण्डिला cd
पदार्थ की मात्रा मोल mol


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एस.आई .पद्धति क्या है ?  एस.आई .पद्धति क्या है ? Reviewed by suresh kumar gautam on July 25, 2017 Rating: 5

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