वितरण नियम क्या है In Hindi



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वितरण नियम (Distribution Law ) क्या  है ?

नेर्न्स्ट  के  वितरण  नियम  के  अनुसार  ,  या  नेन्सर्ट  का  वितरण  नियम  :-

किसी  निश्चित  ताप  पर  यदि  दो  अमिश्रणीय  द्रवों  में  कोई  तीसरा  पदार्थ  मिला  दिया  जाये  ,  जो  कि  दोनो  में  विलेय  ( घुल  जाये  )  ,  तो  उस  विलेय  ,  जिसको  घोला  जाता  है   ,  उसकी  सान्द्रता  का  मान  स्थिर  रहता  है  ,  क्योंकि  वह  विलेय  और  विलायक  की  मात्रा  पर  निर्भर  नहीं  करता  है  । इसे  KD  से  प्रदर्शित  करते  हैं  ।

माना  विलायक  ( A )  में  पदार्थ  की  सान्द्रता  ( C1 )  तथा  विलेयता  ( S1 )  और  विलायक  ( B )   में  पदार्थ  की  सान्द्रता  ( C2 )  व  विलेयता  ( S2 )  हो  तब  ,

वितरण  गुणांक  =  विलायक  में  विलेय  पदार्थ  की  सान्द्रता  या  विलेयता / विलायक  में  विलेय  पदार्थ  की  सान्द्रता  या  विलेयता

KD  =   C1 / C2
     
     या

KD  =   S1 / S2

जहाँ , where

KD  =   वितरण  गुणांक

C1  =  विलायक  A  में  पदार्थ  की  सान्द्रता

C2  =  विलायक  B   में  पदार्थ  की  सान्द्रता

S1  =  विलायक   A  में  पदार्थ  की  विलेयता

S2  =  विलायक  B  में  पदार्थ  की  विलेयता



वितरण  नियम  की  व्याखया  :-

( वितरण  नियम  की  व्याख्या  कीजीए ।)

 वितरण  नियम  का  रासायनिक  साम्य  नियम  होता  है  ।  जब  कोई  विलेय  X  दो  द्रव  विलायकों - ( विलायक 1  व  विलायक 2 )  गतिक  साम्य  स्थापित  करता  है  ,  तब  उसका  अर्थ  है  कि  विलेय  X  की  विलायक -1  से  विलायक -2  मे  जाने  की  दर  r1  ,  विलायक -1 में X की सान्द्रता  C1  के  अनुत्क्रमानुपाती  होती  है  तथा  X  की  विलायक -2  से  विलायक -1  मे  जाने  की  दर r1  ,  विलायक -2  में  X  की  सान्द्रता  C2  के  अनुक्रमानुपाती  होती  है  ।

अतः

r1 ∝ C1 या r1 = k1C1

जहाँ  k1  व  k2  स्थिरांक  हैं  ।

साम्यावस्था  पर  ,

r1  =  r2

k1C1  =  k2C2

C1 / C2 = k2 / k1 = KD

जहाँ  ,  KD  =  वितरण   गुणांक

वितरण  नियम  की  सीमायें ( Limitation )  :-


वितरण  नियम  की  सीमायें  निम्न  प्रकार  हैं  -

(1)  ताप  स्थिर होना  चाहिए ।

(2) दोनों  विलायक  परस्पर  अमिश्रणीय  होने  चाहिए  ।

(3)  ताप  क्रम स्थिर  होना  चहिए ।

(4) विलेय  पदार्थ  किसी  द्रव  में  जटिल  या  संकर  यौगिक  बनाने  बाला  नहीं  होना  चाहिए  ।

वितरण नियम के अनुप्रयोग (Application of distribution law) :-


वितरण  नियम  के  अनुप्रयोग  निम्न  प्रकार  हैं  -

1. संकर  आयनो  का  निर्धारण

2. वितरण  सूचक  के  रुप  में

3.  संगुणन  का  निर्धारण  करने  में

4.  वियोजन  की  मात्रा  का  निर्धारण  करने  में

5.  ब्रोमाइड  तथा  आयोडाइड  आयनों  के  संपुष्टि  परिक्षण  करने  में

6.  विलेयता  का  निर्धारण  करने  में

7.  निष्कर्षण  प्रक्रम  करने  में

(1)  संकर  आयनों  का  निर्धारण  :-

वितरण  नियम  से  विभिन्न  संकर  आयनों  के सूत्र (formula)  का  पता  भी  किया  जा  सकता  है  ,  जैसे  :
पोटेशियम  आयोडाइड (KI)  के  साथ  जब  आयोडीन  ( I 2 )  संयोग  (  जुडती  है  )  करती  है  ,  तब  संकर  ( KI 3 )  प्राप्त  होता  है  ।

KI  +  I 2  ⇌  KI 3

जब  आयोडीन  को  CCl4  तथा  पोटेशियम  आयोडाइड ( KI ) के   जलीय  विलयन  के  अमिश्रणीय  विलायकों  में  विपरीत  किया  जाता  है , तब  प्रयोग  द्वारा  आयोडाइड  आयनों  ( I 3 )  की  उपस्थिति  का  पता  लगाया  जा  सकता  हैं  ।

(2) वितरण सूचक के रूप में :-

आयोडीन अनुमापन में , अन्त बिन्दु ( end point ) का स्टार्च विलयन डालकर पता लगाते हैं , जो नीला हो जाता है । अधिक सुग्रहिता प्राप्त करने के लिए वातावरण सूचक प्रयुक्त किया जाता है । विलयन में कुछ बूँदे क्लोरोफॉर्म की डालने पर , विलयन का रंग बैंगनी हो जाता है , जिससे आयोडीन की उपस्थिति का पता लगाया जा सकता है ।

हेनरी का नियम क्या है ?

हेनरी  का  नियम  :-
सन्  1805  में  विलियम  हेनरी ( William Henry )  ने  किसी  निश्चित  ताप पर  गैस  के  अणुओं  की ' संख्या '  तथा  ' दाब '  को  समझाने  के  लिए  एक  नियम  का  निर्माण  किया  था  ,  जिसके  अनुसार  ,

"  स्थिर  ताप  पर  किसी  विलायक  के  एकांक  आयतन  में  विलेय  ' गैस की मात्रा '  या  ' गैस के दाब '  के  समानुपाती  होती  है  । "

M  ∝ P

M  =  KP

जहाँ ,

M  =  गैस  की  मात्रा

P  =  गैस  का  दाब

K  =  स्थिरांक

स्थिर  ताप  पर  विलायक  में  घुली  गैस  का  आयतन  ,  दाब  पर  निर्भर नहीं करता है , यदि हेनरी  का  नियम  सत्य  है  ,  तो  द्रव  में  गैस  की  विलेयता  तथा  गैस  के  साम्य  दाब  के  बिच  ग्राफ  खींचा  जाये  ,  तब  स्थिर  ताप  पर  एक  सरल  रेखा  आनी  चाहिए  ,  परन्तु  ऐसा  नहीं  होता  है  ।  अधिकतर  गैसों  के  लिए  हेनरी  का  नियम  लागू  होता  है  ,  यदि  -

 -->  दाब  बहुत  अधिक  न  हो
-->  ताप  बहुत  अधिक  न  हो
-->  गैसें  बहुत  विलेय  न हों  ।




वितरण नियम क्या है In Hindi वितरण नियम क्या है In Hindi Reviewed by suresh kumar gautam on March 24, 2017 Rating: 5

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