परासरण , विसरण क्या है



1 . परासरण  :-

विलायक  का  कम  सान्द्रता  के विलयन  से  अधिक  सान्द्रता  के  विलयन  की  ओर  अर्द्धपारगम्य  झिल्ली  में  से  होकर  स्वतः  प्रवाह  करते  हैं  ,  परासरण  कहलाता  है  ।

विसरण :-

वह  क्रियाविधि  जिसमें   विलेय के  अणु  या  कण  विलयन  में  जाकर  उसके  सभी  भागों  की  सान्द्रता  को  समान  कर  देते  हैं  ,  विसरण  कहलाता  है  ।


परासरण  तथा  विसरण  में  अन्तर  :-

(1)  परासरण  में  अर्द्धपारगम्य  झिल्ली  का  होना  आवश्यक  होता  है  ।  जबकि  विसरण  में  किसी  भी  प्रकार  की  झिल्ली  की  आवश्कता  नहीं  होती  है  ।

(2)  परासरण  में  कणों  का  प्रवाह  केवल  एक  दिशा  में  होता  है  ,  अर्थात्  केवल  विलायक के  कण  गति  करते  हैं  ,  जबकि  विसरण  में  विलायक  और  विलेय  दोनों  कण  विपरीत  दिशाओं  में  गति  करते  हैं  ।

(3)  परासरण  में  विलायक  के  कण  कम  सान्द्रता  वाले  विलयन   से  अधिक  सान्द्रता  वाले  विलयन  की  ओर प्रवाहित होते  हैँ  ,  जबकि  विसरण  में  कणों  का  प्रवाह  अधिक   सान्द्रता  से  कम  सान्द्रता  की  ओर  होता  है  ।

परासरण  दाब  क्या  है  ?

परासरण  दाब  ,  उस  द्रव  स्थैतिक  दाब  के  बराबर  होता  है  ,  जो  विलयन  से  अर्द्ध-पारगम्य  झिल्ली  द्वारा  पृथक  करने  पर  उतपन्न  होता  है  ।


राउल्ट  नियम  ( Raoul't Law )  क्या  है  ?

सन्  1887  में " राउल्ट (Roult's) "  नाम  के  Scienctist  ने  तनु  विलयन  के  वाष्प  दाब  को  समझाने  के  लिए  एक  नियम  बनाया  ,  जिसे  राउल्ट  नियम  का  नाम दिया गया , इस नियम  के  अनुसार  -

"  किसी  विलायक ( solvent ) में  कोई  अवाष्पशील  विलेय ( solute ) मिलाने  पर  उसके  वाष्प  दाब  में  जो  आपेक्षित  अवनमन  होता  है  ,  वह  विलेय  के  मोलर  प्रभाज  के  बराबर  होता  है  ।  यह  राउल्ट  का  नियम  कहलाता  है  । "

 माना  किसी  विलयन  में  विलेय  के  मोलों  की  संख्या   ( n )  तथा  विलायक  के  मोलों  की  संख्या  ( N )  है  और  यदि  शुद्ध  विलायक  का  वाष्प  दाब  ( P )  व  विलयन  का  वाष्प  दाब  ( Ps )  हो  तब  ,  राउल्ट  के  नियमानुसार  -


जहाँ

P - Ps  =  बाष्प  दाब  का  अवनमन

P  =  शुद्ध  विलायक  का  वाष्प  दाब

n  =  विलेय  के  मोलों  की  संख्या

N  =  विलायक  के  मोलों  की  संख्या



राउल्ट  नियम  की  सीमायें  :-

राउल्ट  नियम  की  सीमायें  निम्न  हैं -
(1)  राउल्ट  नियम  केवल  अवाष्पशील  विलेय  पदार्थ  से  वने  विलयनो  पर  लागू  होता  है  ।

(2)  राउल्ट  का  नियम  वैद्युत  अपघट्यों  के  द्रारा  बने  विलयनों  पर  लागू  नहीं  होता  है  ,  क्योंकि  किसी  पदार्थ  का  वियोजन  होता  है  ,  तब  उसके  अणुओं  की  संख्या  बढ़  जाती  है  ,  और  इस  कारण  वाष्प  दाब  का  अबनमन  भी  बढ़  जाता  है ।

(3)  राउल्ट  नियम  केवल  अति  तनु  विलयनों  के  लिए  लागू  होता  है  ।
परासरण , विसरण क्या है परासरण , विसरण क्या है Reviewed by suresh kumar gautam on March 23, 2017 Rating: 5

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